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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

विविध भजन

karm agar ache hain to ghar hin mathura kashi hai
चेतावनी भजन | निर्गुण भजन | विविध भजन | सत्संगी भजन

कर्म तेरे अच्छे तो घर हीं मथुरा काशी है

कोई किसी का नहीं है भजन करो
चेतावनी भजन | विविध भजन | सत्संगी भजन

कोई किसी का नहीं है भजन करो

कोई न साथी अंत समय का सब हैं स्वार्थ के मीत
चेतावनी भजन | विविध भजन

कोई न साथी अंत समय का सब हैं स्वार्थ के मीत

तुम्हें राम कहूँ या विष्णु,
विविध भजन | सत्संगी भजन

तुम्हें राम कहूँ या विष्णु

sabkuch dekh raha bhagwan
निर्गुण भजन | विविध भजन | सत्संगी भजन

सबकुछ देख रहा भगवान

hari har ek hain donon na ye kam hain na wo kam hain
विविध भजन | सत्संगी भजन

हरि हर एक हैं दोनों ना ये कम है ना वो कम है

na main raha naa tu raha
विविध भजन

ना मैं रहा ना तू रहा

tuhin bahar tuhin bheetar
विविध भजन

तुहीं बाहर तुहीं भीतर

koi duniya mein aata hai koi duniya se jata hai
निर्गुण भजन | विविध भजन

कोई दुनिया में आता है कोई दुनिया से जाता है

Mere Rooth Gaye Narayan Manaun Kaise
विष्णु भगवान भजन | सत्संगी भजन

मेरे रूठ गए नारायण मनाउं कैसे

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