तेरी डमरू की धुन सुन के मैं कांवर लेके आयी हूँ
तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं कांवर लेके आयी हूँ-०२
मैं कांवर लेके आयी हूँ, मैं सुल्तानगंज से धायी हूँ,
तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं कांवर लेके आयी हूँ।
सुना है ओ मेरे भोले, कि तुम जल से हीं रीझते हो
कि तुम जल से हीं रीझते हो,
मेरे बाबा ओ मेरे शम्भू , मैं गंगाजल ले आयी हूँ-०२
मैं कांवर लेके आयी हूँ, मैं सुल्तानगंज से धायी हूँ,
तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं कांवर लेके आयी हूँ-०२
सुना है ओ मेरे भोले, कि तुम बेलपत्र भाते हो,
कि तुम बेलपत्र भाते हो,
मेरे बाबा ओ मेरे शम्भू , मैं बेलपत्र संग लायी हूँ-०२
मैं कांवर लेके आयी हूँ, मैं सुल्तानगंज से धायी हूँ,
तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं कांवर लेके आयी हूँ-०२
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सुना है ओ मेरे भोले, कि तुम दुखड़े सब मिटाते हो,
कि तुम दुखड़े सब मिटाते हो,
मेरे बाबा ओ मेरे शम्भू , मैं कांवरिया बन आयी हूँ-०२
मैं कांवर लेके आयी हूँ, मैं सुल्तानगंज से धायी हूँ,
तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं कांवर लेके आयी हूँ-०२
हो तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं देवघर नगरी आयी हूँ-०२
बोल बम बोल बम हर हर महादेव, जय बाबा वैद्यनाथ !
तेरा नाम जपत मन में, मैं देवघर नगरी आयीं हूँ-०२
मैं देवघर नगरी आयीं हूँ, भक्ति का चोला लायी हूँ,
तेरी डमरू की धुन सुन के, मैं कांवर लेके आयी हूँ।






