गौरा झूला झूल रही भोलेनाथ संग
जय जय शिव, जय गौरा !
जय जय शिव, जय गौरा !
सावन की बरसे रिमझिम फुहार, पेड़ों पे फूलों की लगी कतार-०२
गौरा झूला झूल रही भोलेनाथ संग-०२
मैया झूला झूल रही भोलेनाथ संग।
कुहू कहकती है कोयल पीहू पीहू पपीहा पुकारे-०२
भोलेदानी के दर्शन करने भक्त हजारों पधारे,
झूलन की रुत आयी,
गौरा झूला झूल रही भोलेनाथ संग-०२
मैया झूला झूल रही भोलेनाथ संग।
जय जय शिव, जय गौरा !
जय जय शिव, जय गौरा !
भोलेबाबा के डमरू पे, नंदी गणपति भी झूम रहे हैं-०२
बादलों को भी देखो इनपर, कैसे मोती ये बरसा रहे हैं,
पवन चले पुरवाई,
गौरा झूला झूल रही भोलेनाथ संग-०२
मैया झूला झूल रही भोलेनाथ संग।
और इस भजन को भी देखें: आया सावन का महीना सखी डालो रे झूला
देवता भी संग में, आज होकर मगन नाचते हैं-०२
हाथ जोड़ इनसे, आशीर्वाद सब मांगते हैं,
महिमा ये गाये जाए,
गौरा झूला झूल रही भोलेनाथ संग-०२
मैया झूला झूल रही भोलेनाथ संग-०6


