श्री कृष्ण तेरी दया चाहता हूं
श्री कृष्ण तेरी दया चाहता हूं
श्री कृष्ण तेरी दिया चाहता हूं
गुनाहगार हूं मैं छमा चाहता हूं
श्री कृष्ण तेरी दिया चाहता हूं।।
पड़ी है भंवर में जीवन की नैय्या
तुम्हारे बिना प्रभु कोई ना खिवैया।।
दया कर भगवान दया चाहता हूं
किनारे पे लगा दो बंशी बजैया
दया करो भगवान दया चाहता हूं।।
श्री कृष्ण तेरी दया चाहता हूं
गुनाहगार हूं मैं छमा चाहता हूं।।
मेरे इस जहां में ना कोई किसी का
अमीरो के सब है ना कोई किसी का।।
ठुकरा ना दो हम सहारा तुम्ही हो
दीवाना हूं डर चाहता हूं।।
श्री कृष्ण तेरी दया चाहता हूं
गुनाहगार हूं मैं छमा चाहता हूं।।
झूठी है दुनिया झूठे है सपने
गिर ही पड़ेंगे महल ये अपने।।
कर्मों में आशीष दो अपने
और मुरली वाले दया चाहता हूं।।
श्री कृष्ण तेरी दया चाहता हूं
गुनाहगार हूं मैं छमा चाहता हूं।।


