हमें रास्तों की जरुरत नहीं है
हमें रास्तों की जरुरत नहीं है, हमें तेरे पैरों के निशान मिल गए हैं-०२
तुम हीं तो हो शिव ब्रह्मा का संगम-०२
सबकुछ तुम्हारा, सब तुमको अर्पण-०२
हाँ अब तेरा मैं तो, मुझमें हीं तू है,
अब तेरा मैं तो, मुझमें हीं तू है,
हमें रास्तों की जरुरत नहीं है, हमें तेरे पैरों के निशान मिल गए हैं-०२
ऐसे हीं दोनों हाथ से ताली से कहेंगे- श्री बांके बिहारी लाल की !
बोलो बरसाने वाली की !
हाँ छाये जो दिल में गम का अँधेरा
छाये जो दिल में गम का अँधेरा-०३
हां तन्हाइयों में जो मन मेरा घेरा,
तन्हाइयों में जो मन मेरा घेरा,
खिलता सवेरा लेकर, तू रूबरू है-०२
हमें रास्तों की जरुरत नहीं है, हमें तेरे पैरों के निशान मिल गए हैं-०२
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एक बार कहिये श्री राधा माधव दरबार की !
कलियों में तू है, फूलों में तू है-०४
सागर की एक एक लहर में भी तू है-०२
हां कहीं भी मैं जाऊं प्यारे, बस तू हीं तू है,
कहीं भी मैं जाऊं प्यारे, बस तू हीं तू है,
हमें रास्तों की जरुरत नहीं है, हमें तेरे पैरों के निशान मिल गए हैं-०२
दोनों हाथो से ताली सेवा करते हुए बोलिये, श्री राधा माधव सरकार की जय !

