सावन का पहला सोमवार आया
सावन का शुभ मास है, भोले का दरबार,
पहले सोमवार में, बरसे कृपा अपार।
बिल्व चढ़े जल धार बहे, गूंजे शिव का नाम,
भोले बाबा की कृपा से, महके चारो धाम,
सावन का पहला सोमवार आया, भोले ने अपने भक्तों को बुलाया,
हर हर महादेव की गूंजे पुकार, शिव दरबार में आया त्यौहार,
सावन का पहला सोमवार आया।
भोर हुई मंदिर सजा है, बजते शंख मृदंग,
भोले बाबा के दर पे देखो, झूम रहा हर अंग,
सावन का पहला सोमवार आया।
कांवड़ लेकर भक्त चले हैं, लव पर शिव का नाम,
हर कदम पर गूँज रहा है, बम बम भोले धाम,
सावन का पहला सोमवार आया।
बिल्व पत्र और गंगा जल से, होता तेरा श्रृंगार,
भोले बाबा कृपा बरसाओ, भर दो सब का संसार,
सावन का पहला सोमवार आया।
डमरू की मधुर धुन बजती, नाचे भक्त तमाम,
नंदी भी मुस्काकर बोले, हर हर शिव का नाम,
सावन का पहला सोमवार आया।
जटाओं से गंगा बहती, माथे चंद्र सुहाए,
नीलकंठ का दिव्य स्वरुप, मन को बहुत लुभाये,
सावन का पहला सोमवार आया।
गौरा संग बैठे कैलाशी, मंगलमय दरबार,
एक नजर जो पड़ जाए तो, काट जाए ये अन्धकार,
सावन का पहला सोमवार आया।
भोले के चरणों में आकर, मिटते सारे क्लेश,
शिव कृपा की एक बूँद से, सफल बने परिवेश,
सावन का पहला सोमवार आया।
रुद्राक्षों की माला लेकर,जपता हर इंसान,
ॐ नमः शिवाय की धुन में, डूबे तन और प्राण,
सावन का पहला सोमवार आया।
मेघ बरसे बिजली चमके, महके हर उपवन,
भोले बाबा की कृपा से, खिल उठे मेरा मन,
सावन का पहला सोमवार आया।
ना मांगूं मैं धन दौलत, ना जग का सम्मान,
बस चरणों की सेवा दे दो, हे मेरे भगवान,
सावन का पहला सोमवार आया।
जो भी तेरे द्वार पे आया, खाली कभी ना गया,
भोले की करुणा का सागर, सबके मन में बसा,
सावन का पहला सोमवार आया।
भस्म तिलक और नाग गले में, रूप बड़ा निराला,
तेरे दर्शन से मिट जाता, जीवन का अँधियारा,
सावन का पहला सोमवार आया।
हर मंदिर में दीप जले हैं, गूंजे जय जयकार,
भोले बाबा की महिमा से, महका सारा संसार,
सावन का पहला सोमवार आया।
तेरी नगरी आने की बाबा, रहती मन में आस,
एक बार बुला लो मुझको, कट जाए हर त्रास,
सावन का पहला सोमवार आया।
अंत समय भी होठों पर हो,, भोले तेरा नाम,
अपने चरणों में दे देना, कैलाश का धाम,
सावन का पहला सोमवार आया, भोले ने अपने भक्तों को बुलाया।
सावन की पहली, सावन की,
सावन की पहली भोर से लेकर, अंतिम सांस तक,
बस एक हीं पुकार रहे,
भोले मेरे जीवन में सदा, अपना आशीर्वाद बना रहे,
सावन का पहला सोमवार आया।
भोर हुई मंदिर सजा है, बजते शंख मृदंग,
भोले बाबा के दर पे देखो, झूम रहा हर अंग,
सावन का पहला सोमवार आया,
भोर हुई मंदिर सजा है, बजते शंख मृदंग,
भोले बाबा के दर पे देखो, झूम रहा हर अंग,
सावन का पहला सोमवार आया।
और इस भजन को भी देखें : माँ गौरा संग आना भोलेनाथ अब के सावन में
सावन का पहला सोमवार आया, भोले ने अपने भक्तों को बुलाया,
हर हर महादेव की गूंजे पुकार, शिव दरबार में आया त्यौहार,
सावन का पहला सोमवार आया,
भोर हुई मंदिर सजा है, बजते शंख मृदंग,
भोले बाबा के दर पे देखो, झूम रहा हर अंग।


