राम नाम में जिंदगी बिताऊंगी
राम नाम में जिंदगी बिताऊंगी
राम नाम की धुन मैं रमाऊँगी।।
चौदह भुवन है तेरे अंदर
करुणा निदान जैस समुन्दर।।
शरण में आई तो सबरी को तारा
बैर किया तो रावण को मारा।।
तेरा गाथा तुझे को सुनाऊंगी
सिया राम सिया राम मैं गाउंगी।।
राम नाम में जिंदगी बिताऊंगी
राम नाम की धुन मैं रमाऊँगी।।
राम राम बिटते बीते मेरा प्रहार आठो
प्रभु मोह माया के बंधन को काटो।।
कृपा निधान विनती सुनिये हमारी
शरण में आई मैं हूं खुशबू तिवारी।।
कृपा निधान विनती सुनिये हमारी
शरण में आई मैं हूं खुशबू तिवारी।।
तेरी चौखट पर हजारी लगाऊंगी
तेरी गाथा तुझको सुनूंगी
राम नाम में जिंदगी लगाऊंगी।।
राम नाम में जिंदगी बिताऊंगी
राम नाम की धुन मैं रमाऊँगी ।।
