अच्छे मेरे कर्मो के ये ईनाम मिल गए मुझे राम मिल गए
राम मेरे राम …….
राम मेरे राम …….
अच्छे मेरे कर्मो के ये ईनाम मिल गए
राम मिल गए जी मुझे राम मिल गए
गौतम ऋषि की नारी पत्थर बनी रही
श्री राम के चरणों में ही धुन लगी रही
धुन लगी रही हाँ जी धुन लगी रही
ठोकर लगी तो पत्थर को प्राण मिल गए
राम मिल गए जी मुझे राम मिल गए
एक सब्र देखा शबरी का श्री राम के लिए
खाये थे झूठे बेर भी प्रमाण के लिए
प्रमाण के लिए हाँ प्रमाण के लिए
भक्ति से जो कठिन वो सरेआम मिल गए
राम मिल गए जी मुझे राम मिल गए
वो होगा अभागा जो जिए राम के बिना
मेरी ना चले सांस कोई राम के बिना
मेरे राम के बिना, मेरे राम के बिना
राम लिखते सोनू लक्खा को श्री राम मिल गए
राम मिल गए जी मुझे राम मिल गए

