नाच रहे हनुमान छमा छम नाच रहे हनुमान
नाच रहे हनुमान छमा छम नाच रहे हनुमान
हाथो में खड़ताल विराजे सीने में सिया राम।।
नाचा रहे हनुमान छमा छम नच रहे हनुमान
हाथो में खड़ताल विराजे सीने में सिया राम।।
राम नाम की धुन पे नाचे राम नाम मतवाला
पाव में घुंघरू छम छम बोले जपे राम की माला
रोम रोम में राम समय हरे राम का ध्यान।।
नचा रहे हनुमान छमछम नच रहे हनुमान
बाल बुद्धि विद्या के दाता शंकर के अवतारी
राम चरण की सेवा इनको अपनी जान से प्यारी।।
ऐसा सेवक हुआ ना होगा धुंधा सारा जहां
नचा रहे हनुमान छमछम नच रहे हनुमान।।
रंग सिंदूरी प्यारा लागे शीश मुकुट है निराला
जब जब संकट आया इसको धारा रूप विक्राला
लाल लंगोटा हाथ में सोता इतनी है पहचान।।
नचा रहे हनुमान छमछम नच रहे हनुमान
अपने भक्तों की हनुमत ने बात कभी ना ताली
जिनपे इनकी दया हो जावे उसकी रोज दीवाली।।
नाम जपे जो इनका नरसी मिठे कष्ट तमाम
नचा रहे हनुमान छमछम नच रहे हनुमान।।
