चलो खाटू नगरिया
बोलो खाटू नरेश की ……..जय
बोलो हारे के सहारे की ……..जय
बोलो श्याम प्यारे की ……..जय
चलो चलो चलो चलो खाटू नगरिया
हो बैठा है जहां मेरा सांवरा सांवरिया
चलो चलो चलो चलो खाटू नगरिया ”
आ गया मस्त मस्त फागण का मेला
झूम झूम जा रहा है भक्तों का रेला
नैनो से लेता बाबा सबकी खबरिया
चलो चलो चलो चलो खाटू नगरिया
रौशनी से रोशन है खाटू का नज़ारा
धरती से अम्बर तक श्याम का जयकारा
मन को है मोह रही खाटू की बजरिया
चलो चलो चलो चलो खाटू नगरिया
पेट पलानिया कोई पैदल है आ रहा
हाथो में निशान लेके श्याम को मन रहा
देख रहा श्याम अपने भक्तो की डगरिया
चलो चलो चलो चलो खाटू नगरियापूजास्थल
टीटू भी आया है चन्दर भी आया
दोनों ने मिलकर के श्याम को रिझाया
ले लू बलैया कहीं लागे न नजरिया
चलो चलो चलो चलो खाटू नगरिया
