मैं प्रेम दीवानी जीवन का आधार गोपाला है
मैं जोड़ू हाथ सुनो राणा बात
मेरा प्यार गोपाला है।।
मैं प्रेम दीवानी जीवन
का आधार गोपाला है।।
तुझे छोड़ना होगा मीरा
नाम गोपाला का मैं हू तेरा पति
यहा क्या काम गोपाला का।।
मैं प्रेम दीवानी मोहन की
आधार गोपाला है।।
मैं प्रेम दीवानी मोहन की
आधार गोपाला है।।
प्यार बिना नही रह सकता
मेरा हंस परिंदा।।
साँस साँस में जपती हू
मैं गोविंदा गोविंदा।।
श्वांस श्वांस में जपती हू
मैं गोविंदा गोविंदा।।
तुम जो संजो मेरा तो
संसार गोपाला है।।
मैं प्रेम दीवानी
जीवन का आधार वो कान्हा है।।
मेरे होते गैर प्यार की
कैसे दू मंज़ूरी।।
त्रिया हट को छोड़ दे
इच्छा होने दूंगा पूरी।।
नही देखने दूँगा तुझको
धाम गोपाला का।।
मैं हू तेरा पति
यहा क्या काम गोपाला का।।
मैं भी हट की पूरी
मेरा प्यार भी बिल्कुल सच्चा।।
मन मोहन को छोड़ साकुना
बुरा कहो या अच्छा।।
तुम हो तन के वो मेरे मन का
करतार गोपाला है।।
मैं प्रेम दीवानी
जीवन का आधार गोपाला है।।
क्यो गोरी के भाव गवाए
जीवन सच्चा हीरा।।
कमाल सिंग की बात मनले
सुख पाएगी मीरा।।
प्राण तेरे ना लेले भक्ति नाम गोपाला का
मैं हू तेरा पति यहा क्या काम गोपाला का
मैं प्रेम दीवानी जीवन का आधार गोपाला है।।

