जमुना के तट पे आना मुरली की धुन सुनाना हमसे ना भुला जाए

  • Yamuna Ke Tat Pe Aana Murali Ki Dhun Sunana Humse Naa Bhula Jaye

जमुना के तट पे आना,
मुरली की धुन सुनाना,
हमसे ना भुला जाए,
तेरा श्याम मुस्कुराना,
जमुना के तट पे आना।।

धोखा दिया है तुमने,
दिल सबका मोह लिया है,
तेरी एक झलक को मोहन,
तड़पे ये दिल दीवाना,
हमसें ना भुला जाए,
तेरा श्याम मुस्कुराना,
जमुना के तट पे आना।।

हमें याद आ रही है,
मुरली की मधुर ताने,
क्या भूल तुम गये हो,
यमुना के तट पे आना,
हमसें ना भुला जाए,
तेरा श्याम मुस्कुराना,
जमुना के तट पे आना।।

कहते थे लोग हमसे,
विश्वास अब हुआ है,
छलिया हो तुम तो कान्हा,
छलने का था बहाना,
हमसें ना भुला जाए,
तेरा श्याम मुस्कुराना,
जमुना के तट पे आना।।

उम्मीद के सहारे,
है राधेश्याम जिंदा,
एक बार फिर से मोहन,
ब्रज धाम चलके आना,
हमसें ना भुला जाए,
तेरा श्याम मुस्कुराना,
जमुना के तट पे आना।।

जमुना के तट पे आना,
मुरली की धुन सुनाना,
हमसे ना भुला जाए,
तेरा श्याम मुस्कुराना,
जमुना के तट पे आना।।

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