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माँ लक्ष्मी मेरे घर भी आना

  • Maa Lakshmi Mere Ghar Bhi Aana

माँ लक्ष्मी सूना है तू जिस घर में आती है वहां खुशियों का बसेरा हो जाता है,
माँ इस बार मेरे घर भी आना, तेरे इन्तजार में दीप जला के बैठी हूँ।

पायल की रुनझुन सुनाना माँ, मेरे घर भी आना माँ,
मेरे सूने से आँगन में, खुशियों के फूल खिलाना माँ,
पायल की रुनझुन सुनाना माँ, मेरी देहरी सजाना माँ,
तेरे चरणों की छाँव में, मेरा संसार बसाना माँ,
ओ मेरी लक्ष्मी माँ, ओ मेरी महालक्ष्मी माँ,
इस दिवाली मेरे घर भी, प्यार का दीप जलाना माँ।

छोटा सा ये घर है मेरा, छोटी सी दुनिया है,
तेरी कृपा मिल जाए माँ, बस इतनी सी विनती है,
चौखट पर मैंने रंगोली, अपने हाथों से बनाई,
तेरे नाम के ज्योत जलाकर, मन में आस जगाई,
दरवाजे पर नजरें मेरी, तेरी राह निहारे माँ,
कब आएगी मेरी मैया, तुझको हीं पुकारे माँ,
पायल की रुनझुन सुनाना माँ, मेरे घर भी आना माँ,
मेरे सूने से आँगन में, खुशियों के फूल खिलाना माँ,
पायल की रुनझुन सुनाना माँ, मेरी देहरी सजाना माँ,
तेरे चरणों की छाँव में, मेरा संसार बसाना माँ।

माँ घर में सब खुशहाल रहे, इतनी कृपा कर देना,
जो दिन रात मेहनत करते, उनकी झोली भर देना,
बच्चों के सब सपने मैया, धीरे-धीरे सच हो जाएं,
घर के बड़े बुजुर्ग हमेशा, हँसते मुस्काते रह जाएँ,
किसी के मन में दुःख ना ठहरे, किसी के आँख ना भर आये,
जिस घर में तू कदम रखे, उस घर में खुशियां आ जाए।

माँ जब अपनों के चेहरों पर ख़ुशी देखती हूँ ना,
तो लगता है मेरी हर दुआ पूरी हो गयी,
बस इतना आशीर्वाद देना माँ, हमारे घर का प्यार कभी कम ना हो।

पायल की रुनझुन सुनाना माँ,
माँ आज पहला दीपक तेरे नाम का जलाया है,
सुना है कि दिवाली की रात तू हर घर आती है,
माँ इस बार तू मेरी चौखट भी मत भूलना।

माँ लक्ष्मी मेरे घर भी आना, मेरे आँगन दीप जलाना,
सबके द्वारे दीप जले हैं, मेरी देहरी मत भूल जाना,
माँ लक्ष्मी मेरे घर भी आना, खुशियों से आँगन महकाना,
बरसों से जो हंसी है रूठी, उसको भी लौटा के लाना,
ओ मेरी लक्ष्मी माँ, ओ मेरी महालक्ष्मी माँ,
तेरे चरणों की आहट सुनने, बैठी हूँ मैं द्वार पे माँ।

फूलों से चौखट सजाई, रंगोली भी बनाई है,
तेरे स्वागत की खातिर माँ, दीपों की माला सजाई है,
थाली में रोली और चावल, फूल कमल के रखे हैं,
तेरे आने की आस में मैया, कितने सपने देखे हैं,
हर आहट पर लगता है माँ, जैसे तू हीं आयी है,
तेरे दर्शन की चाहत में, ये आँखे भर आई है,
माँ लक्ष्मी मेरे घर भी आना, मेरे आँगन दीप जलाना,
सबके द्वारे दीप जले हैं, मेरी देहरी मत भूल जाना,
माँ लक्ष्मी मेरे घर भी आना, खुशियों से आँगन महकाना,
बरसों से जो हंसी है रूठी, उसको भी लौटा के लाना।

और इस भजन को भी देखें: रौशन कर दो जीवन मेरा लक्ष्मी जी

सबके चेहरे हँसते देखूं, दिल से मैं मुस्काती हूँ,
लेकिन अपनी छोटी चिंताएं, तुझसे हीं कह पाती हूँ माँ।


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