छतरी न खोल बरसात में

  • Chhatri Na Khol Barsat Mein

मंदिर सजा है सावन में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में,
डमरू बाजेगा,
डमरू बाजेगा, इस दरबार में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में,
मंदिर सजा है सावन में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में।

बेल के पातर तुझको चढ़ाएं, मन में भरी ये चाह है,
सेवा करूँगा बाबा तुम्हारी, तुझको पुकारे दास है,

बेल के पातर तुझको चढ़ाएं, मन में भरी ये चाह है,
सेवा करूँगा बाबा तुम्हारी, तुझको पुकारे दास है,
ज्योति जले झूमे भवन
जल्दी तू आ गाउन भजन,
भोग लगाऊं सुबह शाम मैं,
मंदिर सजा है सावन में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में,
डमरू बाजेगा,
डमरू बाजेगा, इस दरबार में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में,
मंदिर सजा है सावन में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में।

और इस भजन को भी देखें: मेरी अर्जी लगा देना नाथ

दर पे जो तेरे आये सवाली, खाली कभी ना जाए,
भरते हो झोली देते हो खुशियां, महिमा हर कोई गाये,

दर पे जो तेरे आये सवाली, खाली कभी ना जाए,
भरते हो झोली देते हो खुशियां, महिमा हर कोई गाये,
किस्मत खुले आये जो दर, अरविन्द पे तू करदे मेहर,
झूमें तेरे बाबा द्वार पे,
मंदिर सजा है सावन में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में,
डमरू बाजेगा,
डमरू बाजेगा, इस दरबार में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में,
हम जायेंगे शिव के दरबार में,
मंदिर सजा है सावन में,
हम जायेंगे हम जायेंगे, शिव के दरबार में।


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