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तेरे अंग भभूति रमती है

  • Tere Ang Bhabhuti Ramti Hai

तेरे अंग भभूति रमती है, तेरे संग में गिरिजा रहती है-०२
तू श्मशानों का वासी है-०२
तेरे शीश पे गंगा बहती है-०३
तेरे अंग भभूति रमती है, तेरे संग में गिरिजा रहती है-०२

तेरे गले सर्प की माला है,
तू डम डम डमरू वाला है-०२
तेरे माथे चंदा सोहत है,
तेरा मोहक रूप निराला है-०३
तेरी कृपा दृष्टि की छाया से, हर विपदा दूर हीं रहती है-०२
तेरे अंग भभूति रमती है, तेरे संग में गिरिजा रहती है-०२

और इस भजन को भी देखें: शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा

तुम कैलाशों के राजा हो,
तुम जग के पालन हारे हो-०२
सब दीन दुखी तुमको प्यारे,
तुम सबके राज दुलारे हो-०३
तेरी दया की एक नजर से भोले, सबकी झोली भरती है,
तू शमशानों का वासी है-०२
तेरे शीश पे गंगा बहती है-०३
तेरे अंग भभूति रमती है, तेरे संग में गिरिजा रहती है-०२
तेरे संग में गिरिजा रहती है।


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