बोलो राम सिया राम जय जय राम

  • Bolo Ram Siya Ram Jai Jai Ram

दुख में सुमिरन सब करे
जो सुख में सुमिरन करे
तो दुख कहे को होए।।

सुख भी तेरा दुख भी तेरा
सब में तेरी छाया है
सुख दुख दोनो तेरे प्रभुजी
सब तेरी ही माया है।।

बोलो राम बोलो राम बोलो राम जय जय राम
सिया राम सिया राम सिया राम जय जय राम।।

अपने अपने कर्मों से
हम सुख और दुख को पाटे
जैसे कर्म करे जीवन में
वैसे ये मिल जाते हैं।।

पेड़ लगाया नीम का तो
फल मीठा किसने खाया है।।

सुख दुख दोनो तेरे प्रभुजी
सब तेरी ही माया है।।

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