बजरंग बलि की देख छटा मेरा मन हो गया लटा पटा
बजरंग बलि की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
बजरंग बलि की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
एक हाथ खडताली बाजे
दूजा वार मुद्रा साढ़े
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
बजरंग बलि की देख च्चता
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
तन पे लाल लंगोटा सोटा
गदा तुम्हारी मनवा मोहे
भूत प्रेत जड़ से दूर हटावे
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
लटा पटा जी लटा पटा
बजरंग बलि की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
राम नाम की चादर ओढ़ी
भक्त जनन की आश् ना तोड़ी
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
बजरंग बलि की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
साथ है सिंदूर की लाली
अदा कमल सिंह हर एक निराली
बजरंग बलि की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा
लटा पटा जी लटा पटा
बजरंग बलि की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।
