बड़ा पावन अनंत के डोरी
बोलो-बोलो अनंत भगवान की जय !
चौदह गाँठ से,
चौदह गाँठ से बनल इ डोरी, बांधअ मांश मदिरा छोड़ी,
बड़ा पावन अनंत के डोरी, बांधअ दुख दूर हो जाई तोरी।
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चौदह लोक विष्णु जी बनाउलें, चौदह गो लेलें अवतार,
हरी जी कइलें बेड़ा पार,
अ र र र र र….
लीला अनंत हरी दिखावलें, बन अनंत घर-घर पूजावलें-०२
अ र र र र र……
अनंत सूत्र कलाई पे साजे, चौदह गाँठ में प्रभु विराजे-०२
बड़ा पावन, बड़ा पावन,
बड़ा पावन अनंत के डोरी, बांधअ दुख दूर हो जाई तोरी,
चौदह गाँठ से बनल इ डोरी, बांधअ मांश मदिरा छोड़ी।
भादव शुक्ल चतुर्दशी के व्रती लोग रखे उपवास,
व्रत के दिन बा इ खास,
अ र र र र र…….
शेषनाग पे विष्णु पूजाले, घर खुशबू के कलशा धरा ले,
शेषनाग पे विष्णु पूजाले, घर भक्तन के कलशा धरा ले,
अ र र र र र…….
घी दूध दही में धो के, बाँधू अनंत हरी में खो के,
बड़ा पावन, बड़ा पावन,
बड़ा पावन अनंत के डोरी, बांधअ दुख दूर हो जाई तोरी,
चौदह गाँठ से बनल इ डोरी, बांधअ मांश मदिरा छोड़ी।

