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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

मेरा नाथ तू हैं नहीं मैं अकेला मेरे साथ तू हैं

विविध भजन

इना भारत म सबसी बड़ी गौमाता

विविध भजन

जीवन यूँ ही बीत न जाए

विविध भजन

मैया के मन की ये रानी

विविध भजन

मैं तो अमर चुनड़ी ओढ़ूँ

विविध भजन

कसम रब दी मै मर जांवा

विविध भजन

जल्दी करील बजार उठी जायगा जीवन की रेल छूटी जायगा

विविध भजन

माया का लोभी मत कर अभिमान

विविध भजन

सखी म्हारो कुण हुयो जो अपराध

आरती संग्रह | विविध भजन

सदा तुम आनंदे मूर्ति आरती

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