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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

तन की चादर पुरानी हुई बाबरे

माँ सरस्वती भजन

शारदे शारदे वर दे माँ ऐसा

विविध भजन

बिन पैसे के दुनिया में कोई पूछे जात नही

विविध भजन

तुझे है शौक मिलने का

विविध भजन

ऎसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी

विविध भजन

हे योगेशवर हे परमेश्वर

विविध भजन

अवधू भजन भेद है न्यारा

विविध भजन

गोटे की चुनरी गोरा ईसर जी लाए

विविध भजन

उड़ ज्या नींद भंवर सैलानी

tu hin hai rakshak mere hanuman
श्री हनुमान भजन

तू हीं है रक्षक मेरे हनुमान

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