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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

श्री राम भजन

ओ मईया तैने का ठानी मन में राम सिया भेज दई री वन में

श्री राम भजन

सीता के श्री राम राधा के श्याम

श्री राम भजन

राम भजन कर प्राणी तू

श्री राम भजन

भजले प्यारे सांझ सवेरे इक माला हरी नाम की

श्री राम भजन

ऐसे हैं मेरे राम विनय भरा ह्रदय करे सदा जिन्हें प्रणाम

श्री राम भजन

राम भजा सो जीता जग में

श्री राम भजन

कहा आता कहा जाता लागे नही पता रघुराई हो

श्री राम भजन

काहे इतराये रे राम भजन कर प्राणी

श्री राम भजन

श्रृष्टि के कण कण में राम

श्री राम भजन

राम बुलावा आवे एक दिन उस बुलावे से डरियो

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