काहे इतराये रे राम भजन कर प्राणी

  • Kaahe Itraye Re Ram Bhajan Kar Praani

काहे इतराये रे राम भजन कर प्राणी
राम भजन कर प्राणी।।

जनम लिया हरी गुण नही गया
मात पिता को तूने भुलाया
माया में भर माया रे
राम भजन कर प्यारे रे।।

काहे इतरा रे राम भजन कर प्राणी
राम भजन कर प्राणी काहे इतरा रे।।

देख ज़रा तू मन के अंदर
डोर नही है प्रभु का मंदिर
व्यरत में बैर बदाए रे।।

राम भजन कर प्राणी काहे इतरा रे
काहे इतरा रे राम भजन कर प्राणी।।

पता नही तेरा कल क्या होगा
किसे पता किस पल क्या होगा।।

कोई समझ ना पाया रे
राम भजन कर प्राणी।।

राम भजन कर प्राणी काहे इतरा रे
काहे इतराये रे राम भजन कर प्राणी
भजले राम राम भजन कर प्राणी
काहे इतराये रे राम भजन कर प्राणी।।

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