साँसों की माला पे दुर्गा का नाम
प्रेम के रंग में ऐसी डूबी,
बन गया एक हीं रूप-०२
प्रेम की माला जपते-जपते, आप बनी मैं श्याम-०२
साँसों की माला पे सिमरूँ दुर्गे नाम,
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं दुर्गे नाम,
अपनी मन की मैं जानूं, जानूं दुर्गे नाम।
साँसों की माला पे सिमरूँ दुर्गे नाम,
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं दुर्गे नाम,
अपनी मन की मैं जानूं और जानूं दुर्गे नाम-०२
साँसों की-०२
साँसों की माला पे सिमरूँ दुर्गे नाम,
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं दुर्गे नाम।
दुर्गे रंग में ऐसे डूबी,
बन गया एक हीं रूप-०२
दुर्गे रंग में ऐसे डूबी,
बन गया एक हीं रूप-०२
दुर्गा माला जपते-जपते, हो गयी सुबहो शाम-०२
साँसों की-०२
साँसों की माला पे सिमरूँ दुर्गे नाम,
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं दुर्गे नाम।
दुर्गा रूप है सबसे निराला,
क्या जाने ये लोग-०२
और इस भजन को भी देखें: कौन दिशा से मैया आये रे भवानी
दुर्गा रूप है सबसे निराला,
क्या जाने ये लोग-०२
दुर्गे नाम को रटते-रटते, होते सार काम-०२
साँसों की-०२
साँसों की माला पे सिमरूँ दुर्गे नाम,
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं दुर्गे नाम-०२


