सखी री शेरोंवाली माँ हमारे घर पधारी है
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२
करूँ क्या रूप का वर्णन, वो लगती जग से न्यारी है-०२
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२
सज रहा बालों में गजरा, सज रहा माथे पे टीका-०२
लगाई लाल सी बिंदिया, वो बिंदिया कितनी प्यारी है-०२
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२
पहन रही सोने का बाला, गले में फूलों की माला-०२
लगी है होठों पे लाली, वो लाली कितनी प्यारी है-०२
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२
खनक रहा हाथ में कंगना, चमक रहा कंगना का मीना-०२
हाथों में लग रही मेहंदी, ये मेहंदी कितनी प्यारी प्यारी-प्यारी है-०२
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२
चमक रहा ऊँगली में बिछुआ, माहवार एड़ी में प्यारा-०२
छमाछम बाज रही पायल, वो पायल कितनी प्यारी है-०२
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२
और इसे भी देखें: ओढ़ी ओढ़ी रे मैया जी ने लाल चुनरी
पहना है लाल सा लहंगा, ओढ़ी है लाल सी चुनरी-०२
चुनरिया गोटेवाली माँ, वो लगती कितनी प्यारी है-०२
सखी री शेरावाली माँ हमारे घर पधारी है-०२

