फूल फूल पे लिखा महादेव तेरा नाम
कैलाशा के वासी तुम, गले में सोहे नाग,
भोले की भक्ति मिली, जागे सोये भाग,
मस्तक पर चंदा सजे, गंगा बहती धार,
देवदास भी आ गया, महाकाल दरबार,
फूल फूल पे लिखा है महादेव तेरा नाम,
पत्ता पत्ता गाये प्रभु, शिव शम्भू का गुणगान,
फूल फूल पे लिखा है, महादेव तेरा नाम।
सोमनाथ और काशी विश्वनाथ महाकाल का धाम,
कण कण में गुंजायमान है, शम्भू तेरा नाम,
भस्म लगाए बैठे हो तुम, डमरू की हर तान,
तेरी कृपा से बनता है, बिगड़ा हर एक काम,
फूल फूल पे लिखा है महादेव तेरा नाम।
खाटू के बाबा श्याम भी जपते, शिव का नाम,
और नीलकंठ के रूप में, करते सबका कल्याण,
ह्रदय में शम्भू बसे, आँखों में है श्याम,
दोनों रूपों में मुझे, दीखता एक हीं धाम,
फूल फूल पे लिखा है, महादेव तेरा नाम।
गंगा जी की पावन धारा, उज्जैन की माटी,
मन को शांति देती है, महाकाल की घाटी,
पर कलयुग का ये जमाना, जब भी भटकता है,
भोले बाबा नाम का, सहारा हीं मिलता है,
फूल फूल पे लिखा है, महादेव तेरा नाम।
मान और सम्मान की इच्छा, अब इस मन से छूट गयी,
जब से शिव भक्ति की मस्ती, इस पागल को लूट गयी,
छोड़ के दुनिया की चालाकी, भोला भाव जगाया है,
शरण पड़ा हूँ बाबा, थारे दर पे आया हूँ,
फूल फूल पे लिखा है, महादेव तेरा नाम।
अमरनाथ की गुफाओं में, अमर कथा सुनाते,
सच्चे मन से जो भी ध्याये, सब संकट मिट जाते,
विष पीकर नीलकंठ कहाये, जगत के तुम आधार,
तेरी कृपा से होता है, सबका बेड़ा पार,
फूल फूल पे लिखा है, महादेव तेरा नाम।
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घंटा और घड़ियाल की वाणी, मन का मैल मिटाती है,
महादेव की आरती, सोइ किस्मत जगती है,
शिवालय के द्वार पे आकर, जब हरिहर शंभू चिल्लाऊंगी,
भक्ति रस की मस्ती में, मैं झूम झूम गिर जाउंगी,
फूल फूल पे लिखा है, महादेव तेरा नाम।
चिंताओं के इस सागर में, जब दम घुटने लगता है,
ॐ नमः शिवाय का मंत्र ही, विपदा को पल में हरता है,
और तुम्हारी एक कृपा दृष्टि, जब सिर पर फिर जाती,
हारी हुई बाजी भी, पल में जीती हुई बन जाती है,
फूल फूल पे लिखा है महादेव तेरा नाम।
पत्ता पत्ता गाये प्रभु, शिव शम्भू का गुणगान,
फूल फूल पे लिखा है महादेव तेरा नाम,
महादेव तेरा नाम,
फूल फूल पे लिखा है, शिव शम्भू का गुणगान,
शिव शम्भू का गुणगान,
हर हर महादेव, जय श्री श्याम हरी बोल।

