इस नफरत की दुनियां में भोले

  • Is Nafrat Ki Duniyan Mein Bhole

डसने को ये फन फैलाकर,
आ आ आ आ आ…
डसने को ये फन फैलाकर,
डसने को ये फन फैलाकर, बैठे हैं लगाये घात,
इस नफरत की दुनिया में, नहीं प्यार है भोलेनाथ-०२
अपनों को गिराने में यहाँ, अपनों का हीं है हाथ-०२
इस नफरत की दुनिया में, नहीं प्यार है भोलेनाथ-०३

सब करते हैं तेरी भक्ति, फिर भी मन में पाप है,
ढोंग रचाये बैठे हैं, यहाँ किसी का दिल ना साफ़ है,
आ आ आ आ आ…
सब करते हैं तेरी भक्ति, फिर भी मन में पाप है,
ढोंग रचाये बैठे हैं, यहाँ किसी का दिल ना साफ़ है,
करते हैं बुरा और कहते हैं, शम्भू है हमारे साथ-०२
इस नफरत की दुनिया में, नहीं प्यार है भोलेनाथ-०३

तेरी बनायी दुनिया में, जब कठपुतली हर इंसान है,
तब क्यों थोड़ी धन दौलत पे, बनते लोग महान है,
आ आ आ आ आ
तेरी बनायी दुनिया में, जब कठपुतली हर इंसान है,
तब क्यों थोड़ी धन दौलत पे, बनते लोग महान है,
मिट्टी का धन लेकर हैं दिखाते, अपनी बड़ी औकात-०२
इस नफरत की दुनिया में, नहीं प्यार है भोलेनाथ-०३

इसे भी देखें: शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम

क्रोध लोभ और मोह माया में, भटक रहे हैं लोग,
आओ शम्भू तुम्हीं मिटाओ, ये कलियुग का रोग,
आ आ आ आ आ…
क्रोध लोभ और मोह माया में, भटक रहे हैं लोग,
आओ शंकर तुम्हीं मिटाओ, ये कलियुग का रोग,
जिस दिल में थे भगवान बसे, अब है शैतान का वास,
जिस दिल में थे भगवान बसे, वहां है शैतान का वास,
इस नफरत की दुनिया में, नहीं प्यार है भोलेनाथ-०२
अपनों को गिराने में यहाँ, अपनों का हीं है हाथ-०२
इस नफरत की दुनिया में, नहीं प्यार है भोलेनाथ-०४


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