शंकर जी कहे सुनो पार्वती

  • Shankar Ji Kahe Suno Parvati

शंकर जी कहें सुनो पार्वती, दुनिया में किसी का कोई नहीं-०२
सब जीते जी के नाते हैं, और अंत समय का कोई नहीं,
शंकर जी कहें सुनो पार्वती, दुनिया में किसी का कोई नहीं।

थे चार रतन दशरथ जी के, उनको भी कैसा भाग्य मिला-०२
जब राम चले वनवास उधर, जब प्राण उड़े तो कोई नहीं,
बनवास चलीं जब सीताजी, रघुवरऔर लक्ष्मण साथ चले-०२
पर वक्त पड़ा ऐसा भरी, जब हरण हुआ तो कोई नहीं,
रावण जैसे महा पंडित को, था वंश पे हीं अभिमान बड़ा,
सोने की लंका रख हुई, जब मरण हुआ तो कोई नहीं।

धर्म का डंका पीट रहे, पंडित मौला ज्ञानी ध्यानी-०२
जब मेरा जीवन तरन हुआ , ईश्वर के शिव कोई और नहीं-०२
शंकर जी कहें सुनो पार्वती, दुनिया में किसी का कोई नहीं-०२
सब जीते जी के नाते हैं, और अंत समय का कोई नहीं,
और अंत समय का कोई नहीं।


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