कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोए
कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोए
जैसे मीन नीर बिन होये
कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोए
जैसे मीन नीर बिन होये
जमुना की लहरें नभ के तारे
गिन गिन दिन और रैन गुज़रे
कब आओगे श्याम हमारे
मॅन मेरा धीरज खोए
जैसे मीन नीर बिन होये
चंपा की रस गंध है खोई
कोयल की धुन सोई सोई
आश् भी टूटी पास ना कोई
कैसे भाग्या है सोए
मीन नीर बिन होये
मेरा दुख कहो आनंद घन से
हारी है राधा बिरहा किरण से
रूठ गयी कलियाँ मधुबन से
आशुआन हार पिरोए
मीन नीर बिन होये
कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोए
जैसे मीन नीर बिन होये


