मन मंदिर में राम बसाले

  • Man Mandir Mein Ram Basale

मन मंदिर में राम बसाले
छोड़ दे ये नादानी
तू कहे मन करे
दो दिन की है ज़िंदगानी।।

छोड़ दे सारे स्वार्थ के धंधे
कट जाएंगे तेरे जनमो के फंदे।।

ले समझ अभी भी ओ मूरख बंदे
ये जग है जैसे बढ़ता पानी।।

तू कहे मन करे
दो दिन की है ज़िंदगानी।।

दुनिया के भोगो में अक़ल तेरी खोयी
प्रीति राम से न लायी निर्मोही।।

ये साथ ना जाएगा कोई
सदा न रहेगी सुंदर काया
एक दिन मिटजानि।।

तू कहे मन करे
दो दिन की है ज़िंदगानी।।

मिल जाएगा बेदाम तुझको
हरि की शरण मेरे सुख धाम।।

गले से लगाएंगे ये राम तुझको
करुणा करके तुझपे
करदेंगे ये मेहरबानी।।

तू कहे मन करे
दो दिन की है ज़िंदगानी।।

मन मंदिर में राम बसाले
छोड़ दे ये नादानी
तू कहे मन करे
दो दिन की है ज़िंदगानी।।

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