राजीव नैन जी के चरणों में ही चैन है
राजीव नैन जी के
चरणों में ही चैन है
बाकी सब बेचैन है ना।।
राजन इसी लिए तो
इनका ही बस फैन है
बाकी सब बेचैन है ना।।
जोगी जंगम जाति जमाती
इनकी धक धक करती छति
इनके काम क्रोध आरती
जिनसे संकट ये दिन राती।।
विश्राम स्थली बस करुणा नैन है
बाकी सब बेचैन है ना।।
राजीव नैन जी के चरणों में ही चैन है
बाकी सब बेचैन है ना।।
खल नर तकी माया बेचारी
जिसके नाचे दुनिया सारी
वारिज नैन वीओ धनुआ धारी
जिसपर करते खरारी।।
केवल शांति उसे ही
हिंदू बोध या जैन है
बाकी सब बेचैन है ना।।
ग्रह कारज न जंजाला
तुलसी बाबा ने केहडाला
इस्से ताजि विषय विष प्याला
भज मन रघुवर दीन दयाला।।
शिकारी लोभड़ मधुप मान
उन्हीं पे अब दिन बारिश है
बाकी सब बेचैन है ना।।
राजीव नैन जी के
चारनो में ही चैन है
बाकी सब बेचैन है ना।।

