तेरी एक झलक काफी है

  • Teri Ek Jhalak Kaafi Hai

जब दुनिया ने मुंह मोड़ लिया,
जब अपने भी पराये लगने लगे,
तब बस तेरी एक झलक ने,
मेरी टूटी साँसों में फिर से जान भर दी,
हे मेरे श्याम तेरी एक झलक काफी है।

थकी हुई आत्मा को तू सुकून दे जाए,
बिखरे हुए सपनों को फिर से जोड़ जाए,
तेरे नाम की माला जब होठो पे सज जाए,
हर दर्द मेरा खुद हीं मिट जाए,
सुनी पड़ी राहों में तू उजाला बन जाए,
अँधेरे मन में तू चाँद सा मुस्काये,
तेरे चरणों के धूल जो माथे पे लग जाए,
हर जनम का पाप वहीं जल जाए,
तेरी एक झलक काफी है कन्हैया,
सारी दुनिया फीकी लगती है सैयां,
तेरी एक झलक काफी है मुरलिया वाले,
डूब जाए मन मेरा तेरे उजाले में,
तेरी एक झलक काफी है श्याम मेरे,
सांस सांस बोले बस नाम तेरे।

राधे राधे, श्याम श्याम,
गोविंदा, गोपाला,
जब आँखों से आंसू बहने लग जाए,
जब किस्मत भी मुझसे रूठ जाए,
तेरी तस्वीर को सीने से लगा लूँ,
तो हर तूफ़ान भी थम जाए,
तेरे बिना ये दिल वीरान लगे,
हर ख़ुशी भी बेईमान लगे,
तेरे दर पे आकर जो झुक जाए,
वो हर हार में भी जीत पाए, कान्हा।

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लोग कहते हैं कि भगवान दिखाई नहीं देते,
पर मैंने तो तुझे हर आंसू में, हर आह में,
हर टूटे दिल की धड़कन में पाया है,
जब कोई साथ नहीं था,
तू तब भी था मेरे पास,
इसलिए आज भी कहती हूँ,
मेरे श्याम तेरी एक झलक काफी है।

तेरी एक झलक काफी है कन्हैया,
जीवन की नैया पार लगा,
तेरी एक झलक काफी है गिरधारी,
कट जाए हर जन की लाचारी,
तेरी एक झलक काफी है मुरलीधर,
मिट जाए मन का सारा डर।

ना सोना चाहिए, ना हीं ताज,
बस तेरे चरणों का हो राज,
तेरा नाम हीं मेरी सांस बने,
तेरी भक्ति मेरा विश्वास बने,
अगर छीन जाए दुनिया सारी,
फिर भी कमी ना हो हमारी,
क्योंकि दिल में तू बसा रहे,
तो हर कमी पूरी हो जाए हमारी,
तेरी एक झलक काफी है कन्हैया,
हर जन तुझसे हीं रिश्ता निभहैया,
तेरी एक झलक काफी है श्याम प्यारे,
स्वर्ग लगे तेरे द्वार हमारे,
हे मेरे बांके बिहारी, अगर कुछ माँगना हो तो,
बस यही मांग है,
हर जन्म में तेरा नाम मिले,
तेरी भक्ति मिले और तेरी एक झलक, हमेशा मिलता रहे।

राधे राधे श्याम श्याम,
गोविंदा, गोपाला !


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