जिंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं

  • Zindagi Ki Sham Aayi Shyam Par Aaye Nahi

जिंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं

ओ हो आ न ना ना
हम प्रेम नगर की बंजारन
जब तक हैं साधन क्या जाने
हम श्याम नाम की दीवानी
बरतने की बंधन क्या जाने
हम ब्रिज की भोलिन ग्वालिनिया
ब्रम्ह ज्ञान की उलझन क्या जाने
ये तो प्रेम की बात हैं उद्धव
कोई क्या समझे कोई क्या जाने
मेरे और मोहन की बाते
एक वो जाने एक मैं जानू

जिंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं
श्याम बिन बेचैन मन ये
चैन न पाए कही

ओह्ह मेरे श्याम मेरे श्याम
जिंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं
श्याम मेरी जिंदगी की आप ही आधार हो
डूबती नैया के मोहन आप ही पतवार हो
नाव मेरी मझधार में डूब न जाए कही
जिंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं

मेरे श्याम मेरे श्याम
तेरा हु दीवाना सदियों से तेरा हु दीवाना
ओह्ह ये जनम जनम का मेरा हैं

एक तेरी सावरी सूरत में
ये दिल दीवाना तेरा हैं
नंदलाल तेरे दीदार बिना
इस दिल में हुआ अँधेरा हैं

एक बार तो तू कह दे मुझसे
तू मेरा हैं तू मेरा हैं
मेरे श्याम मेरे श्याम
रटते रटते श्याम श्याम हो गया दीवाना हैं
भूल कर सब कुछ बस आपको ही पाना हैं
आ जाओ जल्दी
आ जाओ फूल जीवन का
मुरझा जाए न कही
जिंदगी की शाम आई
श्याम पर आये नहीं

ओह्ह मेरे श्याम मेरे श्याम
झूमती थी गोपिया
मुरली की जिस तान पर
खो गए कई भक्त शरनाई
तेरी एक मुस्कान पर

देखे बिन तुमको ए मोहन
अब रहा जाये नहीं
जिंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं

ओह्ह मेरे श्याम मेरे श्याम
सुख गया आँखों का पानी
तेरी याद में रोते रोते
भूलू नहीं तेरी याद सखे
सपने में सोते सोते
टूटे नहीं तेरे प्रेम की माला
ये माला रोते रोते
हे नंदलाल नंदलाल तुझे मैं मिल न सका
हे नंदलाल मैं मिल न सका
ये जीवन खोते खोते

ओह्ह मेरे श्याम मेरे श्याम
दरश दो गिरधारी बनवारी
श्याम मेरी बीती उमरिया सारी
दरश दो गिरधारी बनवारी

गिरिधारी मेरो गिरिधारी
बनवारी हो मेरो बनवारी
ओह्ह मेरे श्याम मेरे श्याम

तुम गांवों के भोले ग्वालो की
छलहीन मधुर बातो की कसक
ब्रिज की उन सरल रमणियो की
चन्दा तारो रातो की कसक
मुरली की कसक भगतानो की
कुंजन कुंजन घाटो की कसक
यमुना की गोकुल वालो से
प्रथक प्रथक रातो की कसक
मेरे श्याम मेरे श्याम
दरश दो गिरिधारी बनवारी
श्याम मेरी बीती उमरिया सारी
दरश दो गिरिधारी बनवारी

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