ये काशी वाली नगरी है बाबा का इलाका है
जय भोलेनाथ !
जय भोलेनाथ !
जय भोलेनाथ !
ये काशी वाली नगरी है, बाबा का इलाका है-०२
जिस पर भी हो…
जिस पर भी बाबा की कृपा, वो तो किस्मत वाला है,
ये काशी वाली नगरी है, बाबा का इलाका है-०२
क्या खूब है बाबा की मस्ती, आँखों में गजब का जादू है,
देखा है तुझको जब से मैंने, ये दिल मेरा बेकाबू है,
भक्तों की भीड़ में देखो, बाबा का बुलावा है,
ये काशी वाली नगरी है, बाबा का इलाका है-०२
आ आ आ आ आ…
आ आ आ आ आ आ…
आ आ आ आ आ…
आ आ आ आ आ आ…
भक्तों का ये सहारा है, डमरू वाला हमारा है,
शिव नाम की मस्ती में, झूम रहा जग सारा है,
भोले भंडारी के दर पे, हर गम से छुटकारा है,
ये काशी वाली नगरी है, बाबा का इलाका है-०२
नंदी जी पे सवार होकर, बाबा खुद चलकर आते हैं,
प्रेमी जब दिल से पुकारे, गले उन्हें लगा लेते है,
शिव के रंग में रंगे हम, ये तो प्रेम का टाका है,
ये काशी वाली नगरी है, बाबा का इलाका है-०२
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अजय जी गाते हैं प्यारा भजन, राजेश राज की मस्ती है,
सोनू शारदा संग मिलके, सजती शिव की बस्ती है,
मिलकर सब नाचो गाओ, बाबा का प्यारा ललकारा है,
ये काशी वाली नगरी है, बाबा का इलाका है-०२
