ये द्वार है हनुमत प्यारे का माँ अंजनी के दुलारे का
ये द्वार है हनुमत प्यारे का
माँ अंजनी के दुलारे का
दरबार की शोभा क्या कहिए
दरबार निराला क्या कहिए।।
ये द्वार है हनुमत प्यारे का
माँ अंजनी के दुलारे का
दरबार की शोभा क्या कहिए
दरबार निराला क्या कहिए।।
दुख मिटा जन्मो का भारी
श्रद्धा से झुको तुम एक बरी
चरणों मे शीश झुका जाओ
रिद्धि सिद्धि बरसा जाओ।।
काम असंभव हो कोई
जब उनमे कोई मुश्किल हो
ये द्वार है हनुमत प्यारे का
मा अंजनी के दुलारे का
दरबार की शोभा क्या कहिए
दरबार निराला क्या कहिए।।
दुख मिटा जन्मो का भारी
श्रद्धा से झुको तुम एक बरी
चरणों मे शीश झुका जाओ
रिद्धि सिद्धि बरसा जाओ।।
जय जय हो तेरी जय जय हो
जय जय हो तेरी जय जय हो।।
