यह अवसर फिर नही मिलने का सत्संग करो सत्संग करो
व्यव्हावर सीखना है जिसको
व्यापार सीखना है जिसको
फिर सत्संग करो सत्संग करो
यह अवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो।।
यह अवसर फिर नही मिलने का
फिर सत्संग करो सत्संग करो
यह अवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो
यह वक़्त नही हिल डुलने का
सत्संग करो सत्संग करो।।
चाहे सारी दुनिया ठुकराए
चाहे धन संपत्ति सब लूट जाए
चाहे सारी दुनिया ठुकराए
चाहे धन संपत्ति सब लूट जाए।।
चाहे थाली लोटा बिक जावे
सत्संग करो सत्संग करो
यह अवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो।।
चाहे तन में अधिक बीमारी हो
प्रतिकूल चले नर नारी हो
चाहे तन में अधिक बीमारी हो
प्रतिकूल चले नर नारी हो।।
भाए नही बात हमारी हो
सत्संग करो सत्संग करो
भाए नही बात हमारी हो
सत्संग करो सत्संग करो।।
यह अवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो
सत्संग करो सत्संग करो।।
अपमान अचानक हो जावे
निज साथी सभी बिछड़ जावे
अपमान अचानक हो जावे
निज साथी सभी बिछड़ जावे।।
चाहे नित्या नयी आफ़त आवे
सत्संग करो सत्संग करो
चाहे नित्या नयी आफ़त आवे
सत्संग करो सत्संग करो।।
यह आवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो
यह वक़्त नही हिल दुलाने का
सत्संग करो सत्संग करो।।
हे सुख संपाति के अभिमानी
करलो आचमन बहते पानी
हे सुख संपाति के अभिमानी
करलो आचमन बहते पानी।।
यहा चार दीनो की मेहमानी
सत्संग करो सत्संग करो
यहा चार दीनो की मेहमानी
सत्संग करो सत्संग करो।।
यह आवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो
यह वक़्त नही हिल दुलाने का
सत्संग करो सत्संग करो।।
व्यव्हावर सीखना है जिसको
व्यापार सीखना है जिसको
फिर सत्संग करो सत्संग करो
यह अवसर फिर नही मिलने का।।
भव पार उतरना है जिसको
सत्संग करो सत्संग करो
भाव पार उतरना है जिसको
सत्संग करो सत्संग करो।।
भाए नही बात हमारी हो
सत्संग करो सत्संग करो
यह अवसर फिर नही मिलने का।।
यह आवसर फिर नही मिलने का
सत्संग करो सत्संग करो
यह वक़्त नही हिल दुलाने का
सत्संग करो सत्संग करो
यह अवसर फिर नही मिलने का।।
हे तात मिले पुनी मात मिले
भ्रत मिले जुगति सुख दायी।।
