चुनरिया राम नाम की
मीठी मीठी स्वर लहरी
गूँजे है सुबह शाम
श्री राम श्री राम श्री राम
मीठी मीठी स्वर लहरी
गूँजे है सुबह शाम
श्री राम श्री राम श्री राम
मन भावन पावन
सुहावन लागे अयोध्या धाम
श्री राम श्री राम श्री राम
मीठी मीठी स्वर लहरी
गूँजे है सुबह शाम
श्री राम श्री राम श्री राम
कार्तिक शुक्ला पक्षा नवमी तिथि
जोभी अयोध्या आए
चौदह कोष की परिकरिमा करे
मन चाहा फल पाए
राम सिया हिए धरीके
करिए नगर प्रवेश
कटिहे पल में कास्ट सकल
मितिहीए सकल कालेश
जनमा भूमि के दर्शन से
बन जाए बिगड़े काम
श्री राम श्री राम श्री राम
हनुमान हनुमानगड़ी से
काटे कास्ट तमाम
श्री राम श्री राम श्री राम
भक्त हितकारी श्री राम रटे
निज पवन राम कहानी
राम राम रत भाव सागर से
तार जावे सब प्राणी
राम राम श्री राम जपो
करो राम का ध्यान
आश्राए लो श्री राम का
तारेंगे असात अभिमान
नया घाट पेर संत सदा
रटते है जय श्री राम
श्री राम श्री राम श्री राम
सरयू की लहरे भी जपती
है सदा प्यारा नाम जय श्री राम
श्री राम श्री राम श्री राम
करे बखान वेद जिनके वो
है श्री राम हमारे
भक्त हरदे नित वास करे
दुसतान नित्या संहारे
तैतीस कोटिक देवता
करे जहा विश्राम
वो है अयोध्या धाम
जहा बसे प्रभु श्री राम
अत्याचारीं पापीन पैर
रखते है सदा लगाम
श्री राम श्री राम श्री राम
मंदिर मंदिर देवे
सबको प्रेम का पैगाम
श्री राम श्री राम श्री राम
मीठी मीठी स्वर लहरी
गूँजे है सुबह शाम
श्री राम श्री राम श्री राम


