विदाई माता रानी की
विदाई माता रानी की, सबको रुलाये आज-०२
दुर्गा मैया जरा रुक जाओ,
करती हूँ फरियाद, तेरी सताए याद,
विदाई माता रानी की, सबको रुलाये आज।
रोज सवेरे स्नान आदि कर, पूजा करती तेरी-०२
हो जाता तब घर ये पावन, जले जो ज्योति तेरी,
हर पल मुझको ऐसा लगता,
सिर पे है तेरा हाथ, तेरी सताए याद,
विदाई माता रानी की, सबको रुलाये आज।
माँ तेरा जब होता आगमन, घर पे कलश बिठाते
कहीं पर गरवा कहीं पे डांडिया, होते कहीं पर जगराते,
तुम बिन सूनी रात अब होगी,
होगा दिन ये उदास, तेरी सताए याद,
विदाई माता रानी की, सबको रुलाये आज।
पिछले नौ दिन साथ रहे तुम, जोड़के हमसे नाता,
क्यों अपना ये दिल ना रोये, छोड़ के जब कोई जाता,
काश तू हमसे दूर ना जाती,
रहती सदा माँ साथ, तेरी सताए याद,
विदाई माता रानी की, सबको रुलाये आज।
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दुर्गा मैया जरा रुक जाओ,
करती हूँ फरियाद, तेरी सताए याद,
विदाई माता रानी की, सबको रुलाये आज।
