थोड़ो सो डलवाले राधे रंग मेरी पिचकारी को
थोड़ो सो डलवाले राधे
रंग मेरी पिचकारी को
थोड़ो सो डलवाले राधे
रंग मेरी पिचकारी को
निखार रंग जावेगो दुगुनो
तेरी चुनरी लहनगा सारी को
सत्या नाश करे मत कान्हा
चुनरी लहनगा सारी को
रंग मेरे उप्पर मत डारे
तू अपनी पिचकारी को
रंगो का मुझपे खुमार
अब होता नही है होता नही इंतज़ार
रंग मेरो पाक्को चमकदार
डलवाले राधे एक बार
मिले हुए है मेरे रंग में
रंग सब नयी फुलवारी को
निखार रंग जावेगो दुगुनो
तेरी चुनरी लहनगा सारी को
है गोरो गोरो गाल मेरे
रंग कारो पीरो हरो लाल
मत डारे मोप नंद लाल
होजवेगो रनग बद्रंगो गोता किनारी को
रंग मेरे उप्पर मत डारे
तू अपनी पिचकारी को
होली आए एक साल में
लेके रंग निराले
जाने ना कोई तोड़ो से
रंग मुखड़े में मालवले
जेया रे तेरे संग में खेलु ना होरी
मेल मिले ना टेयरो मेरो
तू कारो मैं गोरो
राम कुमार तू मानले कहना
देखत राज अनर्दी को
रंग मेरे उप्पर मत डारे
तू अपनी पिचकारी को
थोड़ो सो डलवाले राधे
रंग मेरी पिचकारी को

