तेरे दरबार खड़ी दुखिया लाचार खड़ी दुखड़ा हारो बाला हनुमान
तेरे दरबार खड़ी
दुखिया लाचार खड़ी
दुखड़ा हारो बाला हनुमान
दुखड़ा हारो बाला।।
तेरे दरबार खड़ी
दुखिया लाचार खड़ी
दुखड़ा हारो बाला दुखदा हारो बाला।।
कोई संतान नहीं घर धवन नहीं
शिव दुखड़े के मुझे कुछ ना मिला।।
मेहंदीपुर धाम आई
लेकर तेरा नाम आई
झोली भरो बाला
दुखड़ा हारो बालाजी ।।
तेरे दरबार खड़ी
दुखिया लाचार खड़ी
दुखड़ा हारो बाला दुखदा हारो बाला
तेरे दरबार खड़ी ।।
अपने पराई मारी गम दुख दयी मारी
अब दुनिया में मेरा लगे ना जिया
संकट हरि है तू
मंगल करि है तू
कृपा करो बल दुखड़ा हारो
तेरे दरबार खादी
दुखिया लाचार खादी
दुखड़ा हारो बाला दुखदा हारो बाला
तेरे दरबार खादी
चारनो का प्यार दियो
दुखो से उबर दियो
अर्जी कमल ने भी यही है करी
तुहि भगवान मेरा
तुझसे जहां मेरा
लकडी फिरु मुझे लकडी फिरू
तेरे दरबार खड़ी
दुखिया लाचार खड़ी
दुखड़ा हारो बाला दुखड़ा हारो बाला
तेरे दरबार खड़ी।।

