बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार
मार मार गदा संकट कातो करते हो उद्धार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
तेरी चुकी में है बाली ताकत बड़ी
नाम तेरा हर रोग की ऐसी जड़।।
घड़ी नहीं एक लगे भक्ति कर देते हो पार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
मार मार गदा संकट कातो करते हो उद्धार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
अपनी शुद्ध बुध खो लायी उपकार में
पाशी लगती है तेरे दरबार में
मस्ती भक्तो को फिरो बटाते प्यार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
मार मार गदा संकट कातो करते हो उद्धार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
रघुवीर सिंह तेरे द्वारे पे निश दिन झुका
दर्शन ने दे कर फर्ज तू अपना रहा है चूका।।
ओम प्रकाश के मन में बस तेरा मन मोहना दरबार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
मार मार गदा संकट कातो करते हो उद्धार
बजरंग बाला सच्चा है तेरा द्वार।।
