श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
बोलो राधा स्नेह बिहारी लाल की जय
मोर मुकुट कटी कचछणी
कर मुरली उर माहिंदू धर्म
हे वणक मेरे मान बसो
सदा बिहारी लाल
पाग बनो पटका बनो
बनयो लाल को भेष
श्री राधा स्नेह बिहारी लाल की
मैं दैउ आरती लू
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं
आरती गाओ प्यारे आपको रिझाऊं
मैं आरती गाओ प्यारे तुमको रिझाऊं
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गौ
आरती गाओ प्यारे आपको रिझाऊं
मैं आरती गाओ प्यारे तुमको रिझाऊं
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे
प्यारी बंशी मेरो मान मोहे
देख छवि बलिहारी मैं जाऊं
चरनो से निकली गंगा प्यारी
जिसने सारी दुनिया तारी
मैं उन्न चरनो के दर्शन पाऊं
दस अनाथ के नाथ आप हो
दुख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो
श्री हरी चरनो में शीश झुकोउ
श्री हरी दस के प्यारे तुम हो
मेरे मोहन जीवन धन हो
मैं देख युगल छवि बल बल जाऊं
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
आरती गाओ प्यारे आपको रिझाऊं
मैं आरती गाओ प्यारे हरदे में बसौ
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गौ
आरती गाओ प्यारे आपको रिझोउ
मैं आरती गाओ प्यारे तुमको रिझोउ
श्री राधा स्नेह तेरी आरती गाऊं
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं
