जादू भारी तेरी आँखे जिधर गयी

  • Jadu Bhari Teri Aankhe Jidhar Gai

जादू भारी तेरी आँखे जिधर गयी
घायल करके जिगर में उतार गयी।।

निरख छटा घनघोर घटा
भावना की उमड़ गयी
घायल करके जिगर में उतार गयी।।

जादू भारी तेरी आँखे जिधर गयी
घायल करके जिगर में उतार गयी।।

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई

निरख छटा घनघोर घटा
भावना की उमड़ गई
घायल करके जिगर में उतर गई

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई ।।

प्रेम की लड़ी अड़ी दृग दोनों
हो बरस पड़ी मोती सी बिखर गई

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई

तिनक कंकड़ी नैन पड़े तो नैन होत बेचैन
उन नैनन में चैन कहाँ जिन नैनन में नैन ।।

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई ।।

अब पल पलक तरत नहीं तारे
छिन छोड़त जनु जान निकर गई ।।

ना पीने का शौक था ना पिलाने का शौक
हमें तो नज़रे मिलाने का शौक था
नज़रे भी उनसे मिला बैठे
जिनको नज़रों से पिलाने का शौक था ।।

अब पल पलक tarत नहीं तारे
छिन छोड़त जनु जान निकर गई ।।

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई ।।

नैन कटारी मारी बारी पलकन मारी
नैन कटारी मारी बारी पलकन मारी
जादू की पिटारी जिया छुई मुई कर गई ।।

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई
घायल करके जिगर में उतर गई ।।c

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