श्री कृष्णा प्यारे मेरे मन के राजा
श्री कृष्णा प्यारे मेरे मन के राजा
बहुत हो चुकी अब तो बिगड़ी बनजा।।
श्री कृष्णा प्यारे मेरे मन के राजा
बहुत हो चुकी अब तो बिगड़ी बनजा।।
श्री कृष्णा प्यारे ओ ब्रज के बसैया
करो पार मझधार में मेरी नैया।।
श्री कृष्णा प्यारे यशोदा के लाला
मेरे धुंधले जीवन में करदो उजाला।।
श्री कृष्णा प्यारे ओ गोकुल के वासी
बिना तेरे छायी है चाहु दिश उदासी।।
श्री कृष्णा प्यारे ओ नन्द के दुलारे
संभाले अधम हु मैं तेरे सहारे।।
श्री कृष्णा प्यारे हे करुणा के सागर
उबारो पकड़ ब्याह हे नवल नगर।।
श्री कृष्णा प्यारे हे प्राण प्यारे
इधर भी निहारो है विरधा के मारे।।
श्री कृष्णा प्यारे यशोदा दुलारे
हरो नाथ अब मेघ संकट हमारे।।
श्री कृष्णा प्यारे मेरे भोले भाले
मेरी ज़िन्दगी अब तो तेरे हवाले।।
श्री कृष्णा प्यारे हे माखन चुरैया
नहीं कोई तुमबिन है धीरज धारिया।।
श्री कृष्णा प्यारे सकल जग के स्वामी
नमामि नमामि नमामि नमामि।।
श्री कृष्णा प्यारे अखिल लोक नायक
तुम्ही एक मात्रा हो मेरे सहायक।।इस्लाम
श्री कृष्णा प्यारे हरी प्राण प्यारे
अधम दीन कमर पड़ा तेरे द्वारे।।
श्री कृष्णा प्यारे मेरे मन के राजा
बहुत हो चुकी अब तो बिगड़ी बनजा
बहुत हो चुकी अब तो बिगड़ी बनजा।।
हे गोपाल राधा कृष्णा गोविन्द गोविन्द
हे गोपाल राधा कृष्णा गोविन्द गोविन्द।।
कृष्णा गोविन्द गोविन्द कृष्णा गोविन्द गोविन्द
कृष्णा गोविन्द गोविन्द कृष्णा गोविन्द गोविन्द।।
हे गोपाल राधा कृष्णा गोविन्द गोविन्द
हे गोपाल राधा कृष्णा गोविन्द गोविन्द।।
कृष्णा गोविन्द गोविन्द
कृष्णा गोविन्द गोविन्द।।


