श्री गणेश का सुमिरन करके शरद माँ का ध्यान लगाए
श्री गणेश का सुमिरन करके
शरद माँ का ध्यान लगाए
हमे ज्ञान दे शरद मैया
कोटि कोटि बंधन काट जाए।।
भूल चूक भी जो भी हो जाए
शॉर्ता करना छमा प्रदान
जय जय हनुमान गोसाई
जय जय करू अंजनी माई।।
अब छ्होटी सी लिखू कहानी
राम चंद्रा का ध्यान लगाए
श्री कृष्णा जी देना सहारा
पूरे कर देना अरमान
मात पिता और बहनो
सुनना भैया ध्यान लगाए।।
मात पिता और बहनो
सुनना भैया ध्यान लगाए
लिखावे नाम बानवे आलहा
सारो गा गा कर करे बखान।।
ग्राम गौराहा घूतेही
बीच में खार्दा धाम कहलाए
खरदा वाली मैया जी
की महिमा तुम्हे बताए
बहुत पुरानी बात है भैया
एक समय लड़का और लड़की
आए कहलान आए।।
पंखी से गर्दन काट जावे
कुच्छ हमारी समझ में ना आए
कैसी हो गयी है ये अनहोनी।।
गाव भरे में जब बताए
हाहाकार मचा है भारी।।
कीरत मंडली लेकर पहुचे
धूम धाम से भक्त गये।।
एक दिन बीता दो दिन बीता
तीसरे दिन मा प्रगती आए
ओम लगाए देसी घीग लगाए
सिर को मैया दिया जुड़ाए।।
जबसे खदरा धाम कहाए
धन धान्या है मैया मा की।।

