|

सावन के झूलों ने मुझको झुलाया

  • Savan Ke Jhulon Ne Mujhko Jhulaya

ओ ओ ओ ओ…
ओ ओ ओ ओ…

शिव डमरू वाले ने, मुझको बुलाया,

शिव डमरू वाले ने, मुझको बुलाया-०२
बाबा ने साँचा दरबार सजाया,
फूलों के हारों से मंदिर सजाया-०२
तेरे दरबार बाबा दौड़ा चला आया।

शिव डमरू भोले भंडारी,
ओ ओ ओ ओ…
शिव डमरू भोले भंडारी,
भरते हैं ये झोली खाली,
हो ओ ओ ओ…
हो ओ ओ ओ…
पूजे इनको दुनिया सारी, दुनिया सारी,
भक्तों के कष्टों को तूने मिटाया,
भक्तों ने तेरा दरबार सजाया,
शिव डमरू वाले ने, मुझको बुलाया,
बाबा ने साँचा दरबार सजाया।

चरणों में आया त्रिपुरारी,
हो ओ ओ ओ…
चरणों में आया त्रिपुरारी,
तुझको है पूजे भोला ये दुनिया सारी,
आ मेरे भोले भंडारी,
दर्शन करने को बाबा तेरे दर आया,
भक्तों ने तेरा दरबार सजाया,
शिव डमरू वाले ने, मुझको बुलाया,
बाबा ने साँचा दरबार सजाया।

और इस भजन को भी देखें: भोले तेरे दर पे आया हूँ

कैसी अनोखी है लीला तुम्हारी-०२
विनती मेरी सुनले त्रिपुरारी-०२
नंदी की सवारी करते भोले भंडारी,
रूप ने तेरे बाबा, सबके मन को भाया-०२
बाबा ने साँचा दरबार सजाया,
शिव डमरू वाले ने, मुझको बुलाया,
बाबा ने साँचा दरबार सजाया,
फूलों के हारों से मंदिर सजाया-०२
बाबा ने साँचा दरबार सजाया-०२


मिलते-जुलते भजन...