सारे तीरथ तेरे माँ बाप हैं
सारे तीरथ तेरे घर में माँ बाप हैं-०२
काशी मथुरा में जाने से क्या फायदा।
सारे तीरथ तेरे घर में माँ बाप हैं,
काशी मथुरा में जाने से क्या फायदा।
भींगी आँखों से रातों को तकते रहे,
तेरे माँ बाप भूखे बिलखते रहे,
भींगी आँखों से रातों को तकते रहे,
तेरे माँ बाप भूखे बिलखते रहे,
तेरे यादों में दोनों बिलखते रहे,
संत ब्राह्मण जिमाने से क्या फायदा।
जिसने पैदा किया उसको माना नहीं,
वो है किस हाल में तूने जाना नहीं,
जिसने पैदा किया उसको माना नहीं,
वो है किस हाल में तूने जाना नहीं,
तेरी माता के तन पर है धोती फटी,
तेरी माता के तन पर है धोती फटी,
माँ को चुनर उढ़ाने से क्या फायदा।
और इसे भी सुनें: जगत में कोई ना परमानेन्ट
वाह रे इंसान तूने करी ना शर्म,
बूढ़े माँ बाप को छोड़ा बृद्धा आश्रम,
वाह रे इंसान तूने करी ना शर्म,
बूढ़े माँ बाप को छोड़ा बृद्धा आश्रम,
तेरे माँ बाप प्यासे तरसते रहे,
तेरे माँ बाप प्यासे तरसते रहे,
शिव को कांवड़ चढाने से क्या फायदा।
जहाँ माता पिता चारो धाम वहीं,
कहीं जाने की तुझको जरुरत नहीं,
जहाँ माता पिता चारो धाम वहीं,
कहीं जाने की तुझको जरुरत नहीं,
उनकी सेवा से पार हो नैया तेरी,
फिर दर दर भटकने से क्या फायदा।
सारे तीरथ तेरे घर में माँ बाप हैं-०२
काशी मथुरा में जाने से क्या फायदा-०३
