रास रचाइया कृष्णा कन्हैया क्यू तू तरसावे

  • Ras Rachaiya Krishna Kanhaiya Kyu Tu Tarsave

रास रचाइया कृष्णा
कन्हैया क्यू तू तरसावे

बंसी बजके श्याम
म्हारो चैन हर जावे

राधा जद मिलवे
म्हारो मनडो खिल जावे

रास रचाइया कृष्णा
कन्हैया क्यू तू तरसावे

बंसी बजके श्याम
म्हारो चैन हर जावे

राधा जड़ मिलवे
म्हारो मंडो खिल जावे

मान में सदा नाम तरो जापू
लखो जतन राधा मैं भी करू

बैचाईन मान तरी मुरली तरी करे
धीरज हियो म्हारो अब ना धरे
तारे बिना म्हारो मान ना लगे

गोरो गोरो मुखड़ो चाँद को
टुकड़ो नैना बस जावे

जागू मैं तारी याद में
म्हाने नींद ना आवे

बाटा में उलझावे
तू म्हाने दिल ना दे

कद आसी मधुबन में राधा बता
इतना माटी प्रेम म्हाको जाता

सजधज के इठलाती आ रस में
कान्हा तू बस जेया म्हरी साँस में
नैना में सपना सुहाना सज़ा

श्याम सलोनी सूरत
थारी मनडे भावे रे

पल पल उड़ीको श्याम
तरी याद आवे रे

तू म्हरी परच्छाई
मैं तरी परछाई

रास रचाइया कृष्णा
कन्हैया क्यू तू तरसावे

बंसी बजा के श्याम
म्हारे चैन ले जावे

रास रचाइया कृष्णा
कन्हैया क्यू तू तरसावे

बंसी बजाके श्याम
म्हारो चैन ले जावे

राधा जद मिलवे
म्हारो मनडो खिल जावे

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