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रंग डार गयो री मोपे सांवरा

  • rang daar gayo ri mope sanwra

रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में

मारी तान के ऐसी मोपे पिचकारी
मेरो भीजो तन को चीर,
मैं क्या करूँ होरी में

पागल के ‘चित्र विचत्र’ संग
लीला भाई यमुना के तीर,
मैं करूँ सजनी होरी में

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