रामजी के भक्त है हम
रामजी के भक्त है हम
श्री राम के हम पुजारी।।
प्रीत रीत शील हो यह धरती हमारी
तुलसी वाणी श्री राम की ये कहानी।।
देती है शिक्षा पुरुषार्थ की हमेशा
राज पाठ और घर बार छोड़कर
निकल पड़े है करने तपस्या।।
राम राम राम राम राज्य
राम राम राम राम राज्य
रामजी के भक्त है हम
श्री राम के हम पुजारी।।

