राम नाम ही चारो धाम
राम ही भक्ति राम ही पूजा
राम शिव नहीं जग में दूजा
सुबह भी राम शाम भी राम
राम नाम ही चारो धाम।।
राम ही भक्ति राम ही शक्ति
राम नाम से मिलेगी मुक्त
जो भी जापते राम की
बनते उनके बिगड़े काम।।
राम ही मोह है राम ही माया
कान कान में है राम समय
राम नाम सब पाप जलाये
अंतिम नैया पार लगाये।।
महामंत्र मुनि विषये व्याल की
जपत ही मिटत कुवल भाल की
जन्म मारन का संशय गायु
नाम जापत आगन शिव भयाऊ।।
सुमिरि पवन सुत पवन नामा
अपने वस कर राखेउ रामा
राम नाम से प्राणि तरते
जो भी जपे भव पार उतारते।।
जब जब होए धरम की हानी
बड़े असुर आदम अभिमानी
तब तब राम लिए अवतार
धरती से हरे पाप का भार।।
राम ही मारे राम दुलारे
संकट से प्रभु राम उबरे
भटक जानो के राम ही है ईश्वर
राम ही परम पिता परमेश्वर।।
राम नाम पत्थर तैराये
राम की चरण धूलि जो पाए
वो पत्थर नारी बन जाए।।
उल्टा नाम जापत जग जाना
वाल्मीकि भये ब्रह्म समाना
राम नाम केवट को तारे
सबरी तार गई राम सहारा।।
जब तू सारे जग से हारे
छोड़ दे नैया राम सहारा
बांके आएंगे पटवार
करदेंगे तेरा उद्धार।।
राम नाम जाप कीजिये तज ममता अभिमान
ज्यो ज्यो जाप आगे बड़े कोटि तप समाना ।।
